स्वस्थ और चमकदार त्वचा हर व्यक्ति की चाहत होती है। आजकल की भागदौड़ भरी जीवनशैली, प्रदूषण और रासायनिक उत्पादों के अत्यधिक उपयोग के कारण त्वचा अपनी प्राकृतिक सुंदरता खोने लगती है। ऐसे में प्राकृतिक तत्व एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प के रूप में सामने आते हैं। ये न केवल त्वचा को पोषण देते हैं, बल्कि उसे भीतर से स्वस्थ बनाने में भी मदद करते हैं। प्राकृतिक तत्व जैसे कि एलोवेरा, नीम, हल्दी, शहद और गुलाब जल सदियों से त्वचा की देखभाल में उपयोग किए जाते रहे हैं। इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और खनिज त्वचा को नमी प्रदान करते हैं, दाग-धब्बों को कम करते हैं और त्वचा को प्राकृतिक रूप से निखारते हैं। इस विषय में हम जानेंगे कि कैसे ये प्राकृतिक तत्व हमारी त्वचा को स्वस्थ और सुंदर बनाए रखने में सहायक होते हैं।
स्वस्थ जीवन जीने के लिए आप कोशिश करते है कि डाइट में सभी पोषक तत्वों के साथ विटामिन को शामिल करें। मगर आपकी त्वचा क्या आप उसे पोषण दे रही हैं? अगर नहीं तो स्वस्थ, ग्लोइंग, शाइनी और सॉफ्ट स्कीन का सपना देखना भूल ही जाइए। सबसे पहले आपको यह बात समझनी होगी कि जैसे स्वस्थ रहने के लिए आपके शरीर को पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, ठीक उसी प्रकार त्वचा भी तभी स्वस्थ रहेगी, जब आप उसे पूरा पोषण देंगे।
जरूरी विटामिन – त्वचा के लिए ए, सी, ई और बी-3 विटामिन्स बेहद जरूरी होते हैं, क्योंकि ये त्वचा के स्वास्थ्य और उसकी मरम्मत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विटामिन सी कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाती है और त्वचा को लचीला तथा मजबूत करती हैं। विटामिन ई त्वचा को हाइड्रेट करती है और उसे सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाती है। त्वचा की नवीनीकरण प्रक्रिया को बेहतर करती है और विटामिन डी सूजन को कम करती है तो विटामिन बी-3 त्वचा की नमी को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है।
नजरअंदाज किया तो – जिस प्रकार इन सभी विटामिन्स के फायदे अनेक है, वैसे ही उनकी कमी होने पर नुकसान भी कई तरह से होते हैं। इन विटामिन्स की कमी से त्वचा संबंधी समस्याएं, जैसे कि सूजन, रूखापन, दाग-धब्बे, डार्क सर्कल्स, पिगमेंटेशन, रूखी-बेजान त्वचा और उम्र बढ़ने के संकेत उत्पन्न हो सकते हैं। विटामिन की कमी त्वचा के उत्तकों की मरम्मत और नवीनीकरण की प्रक्रिया को धीमा कर देती है, जिससे त्वचा मुरझाई और थकी हुई दिखाई देने लगती है।
ब्यूटी प्रॉडक्ट आएंगे काम – बाजार में आजकल ऐसे ब्यूटी प्रॉडक्ट्स की भरमार है, जिनमें ये सभी विटामिन्स मिल जाते हैं। इनमें मुख्य हैं- फेस सीरम, लोशन मॉइश्चराइजर, नाइट क्रीम, डे क्रीम, व्हाइटनिंग एंड ब्राइटनिंग क्रीम, सनस्क्रीन, फेस वॉश और अन्य ब्यूटी प्रॉडक्ट्स। इसके अलावा विटामिन सी टैबलेट, विटामिन ई के कैप्सूल और सी कार्ड कैप्सूल भी आप इस्तेमाल कर सकती हैं। हालांकि इनका इस्तेमाल आपको हमेशा त्वचा रोग विशेषज्ञ के परामर्श से ही करना चाहिए।
डाइट में करें शामिल – आजकल की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में कहीं न कहीं आप जरूरी विटामिन और पोषक तत्वों को डाइट में शामिल नहीं कर पातीं, जिस कारण त्वचा अपनी सौम्यता खो देती है और समय से पहले बूढी नजर आने लगती है। इसलिए अपनी डाइट में सभी विटामिन को शामिल करने की कोशिश करें। दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। अधिकतर फल और सब्जियां एंटीऑक्सडेंट और विटामिन से भरपूर होती हैं, इसलिए हर मौसमी रंग-बिरंगे फल-सब्जियां और फाइबर युक्त अनाज को आहार में शामिल करें। इसके अलावा दही, लस्सी में प्रोबायोटिक होते हैं, जो शरीर में गुड बैक्टीरिया की संख्या को बढ़ाते हैं। साथ ही ड्राई फ्रूट्स का सेवन करें। ड्राई फ्रूट्स में मौजूद नेचुरल ऑयल त्वचा को प्राथमिक तरीके से पोषित करता हैं।

डॉ. हनुमान प्रसाद उत्तम
आयुष्मान, प्लॉट नं. - 7, सी. ओ. डी. कालोनी रोड,
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