विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO, ICD-11, 2013) के अनुसार- गेमिंग डिसऑर्डर एक ऐसा पैटर्न है जिसमें वीडियो गेमिंग (ऑनलाइन या ऑफलाइन) का व्यवहार लगातार और बढ़ता हुआ पाया जाता है, जिसमें व्यक्ति का उस पर नियंत्रण कमजोर हो जाता है, अन्य गतिविधियों की तुलना में गेमिंग को अधिक महत्व दिया जाता है और नकारात्मक परिणामों के बावजूद खेलना जारी रहता है।
मुख्य लक्षण (Clinical features)
1) नियंत्रण का अभाव (Impaired Control) –
* खेलने का समय नियंत्रित न कर पाना।
* बार-बार “बस 10 मिनट और” कहते हुए घंटो खेलना।
* गेम छोड़ने की कोशिश करना लेकिन असफल होना।
2) प्राथमिकता बढ़ना (Priority Increase) –
*पढाई, काम, नींद, परिवार से ज़्यादा गेमिंग को महत्त्व देना।
*भोजन, नहाना, सोना सब टालकर केवल गेम पर ध्यान देना।
3) नकारात्मक परिणाम के बावजूद खेलते रहना (Continuation Despite Harm) –
*आँखों में दर्द, जलन, नींद न आना, परीक्षा खराब होना, रिजल्ट, गिरना फिर भी खेलना।
*परिवार / दोस्त नाराज होने पर भी न रुकना।
4) अवधि (Duration) – यह पैटर्न कम से कम 12 महिने तक जारी रहना चाहिए।
* अगर प्रभाव बहुत गंभीर है (जैसे स्कूल छोड़ना, गंभीर स्वास्थ्य हानि), तो अवधि कम भी हो सकती है।
गेमिंग डिसऑर्डर कैसे विकसित होता है?
* डोपामिन रिलीज (Dopamine Reward Pathway) –
1. जैसे गेम “विजय, लेवल-अप, रिवार्ड” देते है
2. PUBG जिससे दिमाग Dopamine रिलीज करता है।
3. इससे “खुशी और इनाम” का एहसास होता है।
4. यह Addiction जैसी Neurological Dependency बनाता है।
भागने की प्रवृत्ति (Escapism) –
* पढ़ाई या तनाव से बचने के लिए गेम में डूबना।
* वर्चुअल दुनिया वास्तविक जीवन से ज्यादा आकर्षक लगने लगती है।
कारण (Causes/Risk Factors)
* आयु – ज्यादातर किशोर और युवा प्रभावित होते है। (12-25 वर्ष)
व्यक्तिगत कारण –
* किशोरावस्था, कम आत्म-नियंत्रण, अकेलापन ।
* पहले से मौजूद मानसिक रोग
(Depression, ADHD, Anxiety)
गेमिंग से जुड़े कारण –
* तेज-तर्रार बैटल रॉयल गेम्स (PUBG)
* लगातार अपडेट, रैंकिंग सिस्टम (Ranking system), लूट। इनाम ।
* टीम बेस्ड गेम्स सामाजिक- आकर्षण
परिवार और समाज –
* निगरानी की कमी, माता-पिता का समय न दे पाना।
*पढाई, काम में दबाव और तनाव
प्रभाव – (Consequences of Gaming disorder)
1. शारीरिक प्रभाव (Physical Effects)
* मोटापा (Obesity) व डायबिटीज (Diabetes) लगातार बैठे रहने से वजन बढ़ना ।
* हड्डी और मांसपेशियों की समस्या गर्दन दर्द, पीठ दर्द, हाथों की Repetitive Strain Injury, (Gamer’s Thumb) |
* आँखो की समस्या- Computer Vision Syndrome, धुंधला दिखना, आँखो मे जलन।
* नींद की कमी (Insomnia) देर रात तक गेर्मीग से हार्मोनल असंतुलन, Circadian Rhythm Disorder सिरदर्द (Migraine)- स्क्रीन लाइट और तनाव से ।
2. मानसिक प्रभाव (Psychological Effects)
* चिंता (Anxiety) और अवसाद (Depression)
* चिड़चिड़ापन और गुस्सा – खासकर हारने पर।
* ध्यान और स्मृति में कमी – पढ़ाई और काम प्रभावित ।
* आक्रामकता (Aggresion) – हिंसक गेम्स खेलने से।
3. सामाजिक प्रभाव (SocialImpact)
* सामाजिक अलगाव (Social Isolation) – परिवार और दोस्तों से दूरी ।
* शैक्षणिक और व्यावसायिक हानि – पढ़ाई में खराब प्रदर्शन, काम पर असर ।
* रिश्तो में तनाव – परिवार और दोस्तों के साथ झगड़े।
उपचार और प्रबंधन (Management & Treatment)
1. स्वयं नियंत्रण (Self Regulation)
* गेमिंग के लिए समय सीमा तय करना (1-2 घंटे दिन से अधिक नहीं)।
* Screen Time Monitor या Parental Comfort का उपयोग।
* पढ़ाई, खेलकूद और शौक के साथ संतुलन ।
2. व्यवहारिक चिकित्सा (Behavioural Therapy) –
* कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (Cognitive Behavioral Therapy-CBT) सोचने और व्यवहार करने के पैटर्न में सुधार।
* गेमिंग पर निर्भरता कम करने के लिए व्यवहारिक तकनीके।
3. चिकित्सकीय देखभाल (Medical & Psychiatric Care) –
* मनोवैज्ञानिक परामर्श (Counselling) और मनोचिकित्सा (Psychotherapy)
* चिंता, अवसाद, नींद की समस्या का उपचार
4. जीवनशैली सुधार (Lifestyle Modifications) –
* नियमित व्यायाम व योग।
* स्क्रीन-फ्री टाइम (Digital Detox)।
* पर्याप्त नींद (6-8 घंटे)।
* पौष्टिक और संतुलित आहार ।
5. परिवार और सामाजिक सहयोग (Family & Social Support)
* माता-पिता या मित्रों द्वारा निगरानी और सहयोग ।
* ऑफलाइन गतिविधियों (खेल, पढ़ाई, कला) में माग लेने के लिए प्रोत्साहन ।
6. Rehabilitation Programmes- (डिजिटल डिटॉक्स कैंप रोकथाम (Prevention) —
* बच्चों और किशोरों में Parental Monitoring |
* Game & Time और Screen-Time की समस्या सीमा।
* पढ़ाई और खेलकूद का संतुलन ।
* परिवार के साथ Quality Time
* Awareness Programes (स्कूल /कॉलेज में)।

वैद्या. मानसी प्रशांत दिये
पी. जी. स्कालर
शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, नागपुर