नागपुर। जरीपटका, गुरु हरिक्रिशन मार्ग स्थित जीकुमार आरोग्यधाम में धन्वंतरि जयंती विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों सहित मनायी गयी। इस अवसर पर श्री कलगीधर सत्संग मंडल के संयोजक दादा माधवदास ममतानी ने अपनी ओजस्वी वाणी में श्री गुरु गोबिंदसिंघ द्वारा रचित दसम ग्रंथ में से भगवान धन्वंतरि अवतार को परमात्मा द्वारा भेजा गया विष्णुजी का सत्रहवां अवतार बताया। “आयुर बेद तिन कीयो प्रकासा, जग के रोग करे सब नासा” ।। अर्थात भगवान धन्वंतरिजी ने आयुर्वेद का प्रकाश कर उसमें भिन्न-भिन्न रोगों को दूर करने हेतु औषधियां लिखी। अतः आयुर्वेद परमात्मा द्वारा भेजी गयी श्रेष्ठ चिकित्सा पद्धति है।
इस अवसर पर पूर्व केबिनेट मिनिस्टर डॉ. नितिन राऊत, महानगर संघचालक श्री राजेश लोया, पूर्व विधायक डॉ. मिलिंद माने, पूर्व नगरसेवक वीरेन्द्र कुकरेजा व सुरेश जग्यासी, अनिल भारद्वाज, डॉ. महेश कृपलानी, किशोर व विनोद लालवानी, राजेश बटवानी, संजय चौधरी इत्यादि प्रमुख अतिथियों द्वारा स्वास्थ्य वाटिका के “स्पाइन एंड जाइन्ट केअर स्पेशल” का विमोचन किया गया । अतिथियों ने दिपावली की शुभकामनाएं देते हुए स्वास्थ्य वाटिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि पत्रिका प्रत्येक परिवार के लिए लाभदायी है।
कार्यक्रम में सुबह 6 बजे से ही श्रद्धालुओं ने भगवान धन्वंतरिजी की पूजा अर्चना की। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी को अल्पाहार व “स्वास्थ्य वाटिका’ पत्रिका प्रदान की गई। जीकुमार आरोग्यधाम के संचालक द्वारा डॉ. ममतानी दंपति ने आगंतुकों का स्वागत व आभार माना। कार्यक्रम का संचालन श्री तुलसी सेतिया ने किया।
प्रबंध संपादक डॉ. जी. एम. ममतानी ने बताया कि यह पत्रिका स्व. भगत पूरनलाल ममतानी को समर्पित की गई।
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के अपने आदर्श वाक्य को ध्यान में रखते हुए आरोग्यधाम हेल्थ केयर सोसाइटी (रजि. संस्था) आयुर्वेद के पारंपरिक विज्ञान के प्रचार में विश्वास करती है। अपने प्रसार को बढ़ावा देने के लिए मध्य भारत और आसपास के विभिन्न स्थानों पर नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिसके तहत हाल ही में भिन्न-भिन्न क्षेत्र व जीकुमार आरोग्यधाम में आयुर्वेद रोग निदान व बोन डेन्सिटी जांच शिविर आयोजन किया
रुग्ण सेवा के द्वारा माताजी को सच्ची श्रद्धांजली – कृष्णा खोपड़े
संधिवात, मानस, किडनी व चर्मरोग निदान शिविर सम्पन्न
महोदय,
नागपुर। जरीपटका स्थित जीकुमार आरोग्यधाम में स्व. श्रीमती लक्ष्मी माधवदास ममतानी की पुण्यतिथी के अवसर पर आरोग्यधाम हेल्थकेयर सोसायटी के तत्वाधान में निःशुल्क संधिवात, मानस, किडनी व चर्मरोग निदान शिविर का उद्घाटन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर हुआ। कार्यक्रम में मुख्यः अतिथी विधायक कृष्णा खोपडे व अध्यक्ष श्री कलगीधर सत्संग मंडल के संयोजक अधि, माधवदास ममतानी थे। इसके अलावा पूर्व विधायक डॉ. मिलिंद माने व एस क्यू जामा, भाजपा महाराष्ट्र व्यापारी आघाडी के अध्यक्ष वीरेन्द्र कुकरेजा, नागविदर्भ सेन्ट्रल सिंधी पंचायत के अध्यक्ष सुरेश जग्यासी, पूर्व नगरसेविका प्रमिला मथरानी, अनिल भारद्वाज, बंडोपंत टेंभुर्णे, महेश साधवानी, जरीपटका थाने के निरीक्षक श्री अरूण क्षीरसागर, एडवोकेट विनोद लालवानी विशेष अतिथी के रूप से उपस्थित थे।
कार्यक्रम के शुभारंभ में श्री गुरुनानकदेव, भगवान धन्वंतरि व स्व. श्रीमती लक्ष्मी माधवदास ममतानी के चित्रों पर अतिथियों द्वारा माल्यार्पण किया गया। अतिथियों का स्वागत डॉ. ममतानी परिवार ने तुलसी के पौधे देकर किया
इस अवसर पर शिविर में सेवा देनेवाले डॉक्टर्स नेफ्रोलाजिस्ट डॉ. पियुष पंचलवार, चर्मरोग विशेषज्ञ डॉ. सुमित व डॉ. सोनिया जग्यासी, पैथोलाजिस्ट डॉ. नरेश गुरबानी तथा फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. प्रगति आसूदानी व डॉ. बानी तारानी का सत्कार अतिथियों के हस्ते सम्मान पत्र व उपहार देकर किया गया।
प्रास्ताविक भाषण देते हुए डॉ. जी. एम. ममतानी ने बताया कि विगत 23 वर्षों से माताजी की पुण्यतिथि के दिन प्रतिवर्ष चिकित्सा शिविर लेते आ रहे हैं। उद्घाटक कृष्णा खोपड़े ने अपने संबोधन में कहा डॉ. ममतानी द्वारा माताजी की पुण्यतिथी के अवसर पर आरोग्य शिविर के माध्यम से रूग्ण सेवा करना सच्ची श्रद्धाजंलि है। अन्य अतिथियों ने डॉ. ममतानी दंपति द्वारा जारी स्वास्थ्य सेवाओं की प्रशंसा कर शिविर के लिए शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. हरकिशन ममतानी व आभार प्रदर्शन डॉ. अंजू ममतानी ने किया। शिविर में आए हुए 115 रुग्णों ने हड्डी जांच (BMD) व लक्ष्मी माधव फिजियोथेरेपी सेंटर में 50 रूग्णों ने निःशुल्क सेवाएं ली। साथ ही सभी को “स्वास्थ्य वाटिका पत्रिका निःशुल्क दी गई।
Dr. Harkishan Mamtani was awarded the prestigious Overseas Bursary Award by the Neuropsychiatry Faculty of the Royal College of Psychiatrists, London. This award was handed over at the hands of the Chair of Neuropsychiatry Faculty at the annual conference held at the Royal College of Psychiatrists in London.