अक्सर कुछ लोगों को रात में गहरी नींद में होने पर मुंह से लार निकलती है। वैसे, सोते हुए मुंह से लार बहना आम है, पर कई बार ये गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। जानते हैं, नींद और लार बहने के बीच क्या संबंध है? बता दें, डॉक्टर की भाषा में लार बहने की प्रक्रिया को सिआलोरेहिआ कहते है।

कई लोग रात को सोते समय मुंह से लार निकलने की शिकायत करते हैं। वैज्ञानिक भाषा में लार को एक्सोक्राइन ग्रंथि का स्त्राव कहा जाता है। मुंह से लार निकलने की समस्या सिर्फ बच्चों में ही नहीं बल्कि वयस्कों में भी देखने को मिलती है। यूं तो मुंह में लार बनने के कई कारण हो सकते हैं जैसे- खाने-पीने की किसी वस्तु या दवा से एलर्जी होना, मानसिक तनाव, ड्रग्स या अल्कोहल लेने, नींद की कमी या फिर किसी गंभीर बीमारी का भी संकेत हो सकता है। दिन में जागते समय की तुलना में सोते समय लार का अधिक निर्माण होता है। आमतौर एक करवट लेकर सोने पर ही लार बहती है। आइए, जानते हैं आखिर किन कारणों की वजह से सोते वक्त मुंह से लार बहने लगती है।

चिकित्सा के क्षेत्र में लार बहने की प्रक्रिया को सिआलोरेहिआ (sialor-rhea) कहा जाता है, यह समस्या अधिकतर दांत निकलने वाले बच्चों में देखी जाती है या फिर जिनमें मांसपेशीय या तंत्रिका संबंधी समस्या जैसे सेरेब्रल पाल्सी होती है। मुंह से लार एक ग्लैंड के कारण निकलती है जो सोते समय अधिक लार का निर्माण करती है। दिन के समय लार को व्यक्ति निगल लेता है लेकिन नींद में नसों के शिथिल होने से लार सीधे मुंह के बाहर बहने लगती है।

साइनस इंफेक्शन :- अगर व्यक्ति को सांस की उपरी नली में संक्रमण हो जाए तो ये संक्रमण सांस लेने और निगलने जैसी समस्याओं को उत्पन्न करता है। जिसकी वजह से लार मुंह में जमा होकर बहने लगती है। वहीं, जब फ्लू के कारण नाक बंद होती है, तो रात को अपने मुंह से सांस लेते हैं। ऐसे में मुंह से लार बहने लगती है।

गैस बनना :- शोध के अनुसार, पेट में गैस बनने से या फिर एसिड रिफ्लक्स एपिसोड के कारण गैस्ट्रिक एसिड होता है, जिससे आपके शरीर में एसोफागोसलाइवरी उत्तेजित होता है जो शरीर में अधिक लार बनाने में मदद करता है। अगर किसी को एसिडिटी की समस्या हो, तो भी सोते वक्त मुंह से लार निकल सकती है।

टांसिलाइटिस :- गले के पीछे टॉन्सिल्स ग्रंथी मौजूद होती हैं। इस ग्रंथी में सूजन आने से गले का रास्ता छोटा हो जाता है, जिसकी वजह से लार गले से नीचे नहीं उतर पाती और मुंह से बहने निकलने लगती है।

गलत पोजिशन में सोने के कारण :- गलत पोजिशन में सोने के कारण भी ये समस्या होती है। करवट लेकर सोने से भी मुंह से लार बहने की शिकायत हो सकती है। पीठ के बल सोने पर गले के रास्ते लार शरीर में अपने आप चली जाती है।

एलर्जी होना :- लार बनने के कई कारण होते हैं जैसे खाने-पीने की चीजों से या कुछ दवाओं की वजह से एलर्जी होना. जिसकी वजह से मुंह में अधिक लार का निर्माण होता है। एसिड रिफ्लक्स एपीसोड्स के कारण गैस्ट्रिक एसिड होता है। जिससे शरीर में एसोफागोसलाइवरी उत्तेजित होता है, जो शरीर में ज्यादा लार बनाने में मदद करता है।

ड्रग्स और केमिकल्स :- किसी दवाई का सेवन ज्यादा मात्रा में करते हैं या जिन्हें नशे की आदत है, उनके शरीर में लार बनने की प्रक्रिया तेज होती है, जिससे मुंह से लार बहने लगती है।

घरेलू नुस्खे

  • मुंह से लार बहने पर देर से पचने वाले भोजन से दूर रहें- कोशिश करें कि आपका पेट साफ रहे, मुंह से लार बहने की समस्या को दूर करने के लिए दिन में 3-4 बार दो से तीन तुलसी के पत्तों को चबाकर थोडा सा पानी पी लें।
  • फिटकरी के पानी से कुल्ला करने से भी आपको लार से निजात मिलेगी।
  • लार बहने की परेशानी को दूर करने के लिए दालचीनी की चाय का सेवन करें।
  • बहती लार से छुटकारा पाने के लिए आंवला पाउडर का सेवन करें। इसके लिए खाना खाने के तुरंत बाद गुनगुने पानी के साथ आंवला पाउडर खाने से आराम मिलता है।

इन घरेलू उपायों से आराम न होने पर चिकित्सक से संपर्क करें।

स्वास्थ्य वाटिका डेस्क से

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