सब्जियों के संसार में सीधा-साधा व सरल किरदार है लौकी का। यह न केवल हमारी सेहत के लिए वरदान है, अपितु इसके कई फायदे भी हमें इसके सेवन के बाद ही पता लगते हैं। लेकिन फिर भी इस हरी सब्जी को इतना नजर अंदाज किया जाता है कि आम घर के सदस्य हो या फिर बच्चे, वे तो इसे जरा भी लाइक नहीं करते हैं। यानि कि लौकी का नाम सुनते ही हर कोई नाक भौं सिकोड़ने लगता है। लौकी स्वाद में फीकी, हल्की स्वादहीन बस यही छवि रही है लौकी की। आयुर्वेद में इसे बहुउपयोगी माना गया है। आयुर्वेद में लौकी हमारे स्वास्थ्य के लिए न केवल रामबाण औषधि है बल्कि इसके अनेकों फायदे भी हैं। इसका लाभअंतहीन होता है। इसका उपयोग हमारे आहार व पाचन में क्यों जरूरी है, तो आइये जानते हैं –

लौकी पाचन में मददगार

लौकी हमारी पेट संबंधी तमाम तकलीफों को दूर करने में अत्यन्त ही फायदेमंद है। यह हमारे पाचनतन्त्र को हल्का करती है जिसमें भोजन पचाने में ज्यादा मशक्त नहीं करनी पड़ती है व पेट में आसानी से पच जाती है। जिन्हें कब्जरोग की शिकायत रहती है व पेट फूलने लगता है उसे यह सब्जी उबालकर अवश्य खानी चाहिए इससे बड़ी राहत मिलती है। साथ ही जिन्हें पाचन संबंधी विकार से शिकायत है व प्रायः पेट गड़बड रहता है तो वे लौकी को अपना जीवन आधार बना लें।

आजकल यूं भी फास्टफूड का प्रचलन है इसलिए हमारे खाने की थाली में पौष्टिक भोजन कम ही नजर आता है। तला, भुना व मसालेदार तथा बिना पोषण युक्त खाना हमारी दिनचर्या बन गया है। इसका नतीजा मोटापे में इजाफा है और हम सभी परिचित है कि मोटापा अपने साथ कई बीमारियों की सौगात लेकर आता है। ऐसे में लौकी का सेवन ही हमारे स्वास्थ्य के लिए वरदान है।

वजन घटाने में सहायक

लौकी की सब्जी हो या इसका ज्यूस, हमारे वजन घटाने में सहायक होती है। इसमें बहुत कम कैलोरी होती है। एक कप यानि 146 ग्राम लौकी में लगभग 22 कैलोरी (kcal) होती है। इसमें बडी मात्रा में आवश्यक विटामिन, मिनरल्स, तथा फाइटोन्यूट्रिएंटस पाया जाता है। यह सभी तत्व पेट की चर्बी घटाने में सहायक होते है।

ठंडक व हाइड्रेशन का स्त्रोत

प्रायः आम लोगों के पेट में जलन की शिकायत रहती है। तो उनको लौकी का अपने खाने में उपयोग करना चाहिए, चूंकि इसमें 92% पानी होता है। यह सर्वविदित है कि हाइड्रेशन हमारे शरीर के लिये बहुत जरुरी है। लौकी का कच्चा जूस पीने अथवा इसकी सब्जी बनाकर खाने से हमारी इम्यूनिटी पावर मजबूत होती है जो कि सफेद रक्त कोशिकाओं को सक्रिय रखकर बीमारियों से लडने में सहायक साबित होते हैं। पेट संबंधी विकार में प्रायः डॉक्टर पानी पीने की मात्रा में बढ़ोतरी की सलाह देते हैं। अतः हम यदि प्रतिदिन आहार में एक ग्लास लौकी का जूस शामिल करें तो क्या हर्ज है।

गर्मी से राहत

गर्मियों में पेट रोग संबंधी मरीज प्रायः जलन, खट्टी डकार व पीड़ा से त्रस्त रहते हैं। अतः हमें शरीर का भीतरी तापमान नियंत्रण में रखना होगा, इसलिए लौकी का उपयोग जरुरी है। लौकी का जूस प्रातः काल में खाली पेट पीयें जो कि पूरी तरह से लाभदायक होता है। लौकी का जूस स्वादहीन व कसैला होता है लेकिन आप इसके स्वाद पर न जायें, बल्कि सेहत के लिहाज से इसे अमृततुल्य मानें। इसे आयुर्वेद में गर्मी की सब्जी भी माना गया है। यह पेट में अतिरिक्त गर्मी को संतुलित करती है। इसके सेवन से पित्तदोष से त्रस्त मरीजों को विशेष लाभ मिलता है। सब्जियों में लौकी को सर्वोपरि माना जाता है। जब दिल संबंधी विकार की बात करते हैं तो डॉ० लौकी को ज्यादा से ज्यादा सेवन करने की सलाह देते हैं। लौकी के सेवन से हमारे रक्त में कोलेस्ट्रोल व ट्राइग्लिसराइड्स की मात्रा नियन्त्रित रहती है।

मूत्र संबंधी विकार का निवारण

जिन लोगों को पेट संबंधी रोग होते हैं, उन्हें बार-बार मूत्र त्यागने में भी परेशानी होती है। चूंकि मूत्र में जलन या दर्द पेट को झकझोरता है तो इसे हल्के में न लें। इसमें लौकी का उपयोग जूस या इसे उबाल कर लें। इसमें मूत्रवर्धक (diuretic) गुण पाये जाते हैं, जो किडनी की सेहत को बेहतर बनाता है।

शरीर का शुद्धिकरण करती है लौकी

डिटॉक्सिफाइंग जितने भी juice हैं उनमें लौकी सबसे सौम्य ज्यूस है। लौकी का जूस लिवर के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में कारगर होता है, इसमें मौजूद एंटीआक्सीडेंट्स लिवर की सूजन कम करता है। शरीर में लिवर का स्वस्थ होना जरूरी है। लौकी में क्षारीय (Alkaline) प्रवृत्ति होती है तो इसमें विटामिन ‘सी’ की मात्रा पाई जाती है जो हमारी त्वचा को स्वस्थ रखती है।

कुल मिलाकर लौकी भले ही दिखने में साधारण लगती है, लेकिन यह हमारे मस्तिष्क के स्वास्थ्य हेतु बेहतरीन साबित होती है। यह न केवल शरीर बल्कि मन को भी शांत रखती है। लौकी हमारे मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढाती है तो हमारे रक्तप्रवाह को सुचारू रखती है। लौकी का उपयोग करते समय इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि आप कभी भी कड़वी लौकी का जूस या इसकी सब्जी का सेवन न करें। लौकी में भी एक जहरीला पदार्थ पाया जाता है जिसे ‘कुकुर्बिटासिन्स’ कहा जाता है, जो कि स्वास्थ्य के लिए घातक माना जाता है। आप जब भी लौकी खरीदें तो वेट में हल्की व ताजी ही लें। जूस निकालते वक्त या सब्जी बनाते समय इसे चख कर ही उपयोग में लें तभी यह पेट व हमारे स्वास्थ्य हेतु लाभदायक साबित होगी।

 

चेतन चौहान
महामंदिर गेट के निकट, जोधपुर (राज.)

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